निदेशक की कलम से........

पेंशन निदेशालय का गठन 1988 मे दिनांक 30-09-1988 अथवा इसके बाद सेवा निवृत्‍त एवं मृत राजकीय सेवकों,विशिष्‍ट पद धारियों, अखिल भारतीय सेवाओं, आई.ए.एस., आई.पी.एस. तथा आई.एफ.एस., पी. सी.एस., न्यायिक सेवा, उ.प्र. वित्‍त एवं लेखा सेवा के अधिकारियों सहित अवशेष विभागों के समस्‍त राजकीय सेवकों की पेंशन स्‍वीकृति के कार्य के लिये किया गया|

वर्तमान मे पेंशन निदेशालय एवं मण्डलीय कार्यालयों द्वारा मुख्य रूप से दो प्रकार के कार्यों का सम्पादन किया जाता है
* पेंशन स्वीकृति सम्बन्धी
* राष्ट्रीय पेंशन प्रणाली से संबन्धित कतिपय कार्य

01.04.2000 से प्रभावी भौगोलिक विकेन्द्रीकरण की व्यवस्था में समूह 'क' के समस्त अधिकारी, अखिल भारतीय सेवा के अधिकारी तथा लोक सेवा आयोग एवं अन्य विशिष्ट पदाधिकारियों की पेंशन स्वीकृत करने का कार्य पेंशन निदेशालय स्तर पर तथा समूह ‘ख’ एवं समूह ‘ग’ से सम्बंधित पेंशन स्वीकृति का कार्य मंडल स्तर पर सृजित अपर निदेशक निदेशक कोषागार एवं पेंशन कार्यालयों को दिया गया | वर्तमान में प्रदेश के इंजीनियरिंग कालेज, खादी तथा ग्रामोद्योग बोर्ड के समस्त कार्मिकों, राज्याधीन कृषि विश्वविद्यालय, पंडित दीनदयाल उपाध्याय पशु चिकित्सा विज्ञानं विश्वविद्यालय एवं गौ अनुसंधान संस्थान, मथुरा, भातखंडे डीम्ड विश्वविद्यालय तथा न्यायिक सेवा के अधिकारीयों की पेंशन के साथ-साथ बेसिक शिक्षा, जूनियर हाईस्कूल एवं मदरसों तथा ऊर्जा विभाग से सम्बंधित कार्मिकों की भी पेंशन,  पेंशन निदेशालय तथा सम्बंधित मण्डलीय कार्यालयों के स्तर से स्वीकृत की जा रही हैं |

पूर्व मे उक्त विभागों के पेंशन प्राधिकार पत्रों के निर्गमन में होने वाली कठिनाइयों के निराकरण हेतु शासनादेश दिनांक 08-10-1999 के क्रम में पेंशन देयों की कंप्यूटर पर आधारित प्रक्रिया IPMS Pension System से पेंशन निदेशालय तथा मंडल स्तर पर विकेंद्रीकरण की व्यवस्था लागू की गई जो 01-04-2000 से प्रभावी हुई | IPMS Pension System को पेंशन निदेशालय द्वारा NIC के सहयोग से बनाया गया | वर्तमान में इसका अद्तन रखरखाव पेंशन निदेशालय स्तर पर किया जा रहा है, जिसके सहयोग से वर्तमान मे अखिल भारतीय सेवा के अधिकारियों तथा वित्त सेवा के अधिकारियों के साथ-साथ कृषि विश्वविध्यालयों, बेशिक शिक्षा, ऊर्जा विभाग की पेंशन स्वीकृत्ति का कार्य किया जा रहा है| शासन की मंशा के अनुरूप दिनांक 18.09.2014 के द्वारा प्रदेश में पेंशन स्वीकृति के कार्य को केंद्रीकृत कर वेब बेस्ड व्यवस्था ई-पेंशन को विभिन्न चरणो मे लागू किया गया | दिनांक 31.03.2016 अथवा उसके पश्चात सेवानिवृत होने वाले प्रदेश के समस्त जनपदों के समस्त कार्मिकों (कतिपय श्रेणी के कार्मिकों को छोड़कर) ई-पेंशन व्यवस्था को सम्पूर्ण प्रदेश मे लागू कर दिया गया। जिससे प्रदेश भर के आहरण एवं वितरण अधिकारियों को सीधे पेंशन स्वीकृत्ति प्रक्रिया से ई-पेंशन पोर्टल epension.up.nic.in के माध्यम से जोड़ दिया गया है | इस पोर्टल से उपरोक्त विभागों की पेंशन स्वीकृत्ति का कार्य किया जा रहा है| 

इसके अतिरिक्त उत्तर प्रदेश सरकार के अधीन दिनांक 01-04-2005 अथवा उसके उपरान्त सेवायोजित कार्मिको हेतु नव परिभाषित अंशदायी पेंशन योज़ना (वर्तमान में राष्ट्रीय पेंशन प्रणाली) लागू की गयी है जिसका क्रियान्वयन शासनादेश दिनांक 14-08-2008 में विहित व्यवस्था के अनुसार अनन्तिम रूप से पेंशन निदेशालय द्वारा किया गया | पेंशन निदेशालय स्तर पर नव परिभाषित अंशदान पेंशन योजना से आच्छादित कार्मिको की कटौती एवं लेखों का रख रखाव वर्ष 2011-12 तक किया गया है जो कि 01 अप्रैल 2012 से एन.एस.डी.एल. को हस्तांतरित कर दिया गया | नयी पेंशन योजना के क्रियान्वयन हेतु राज्य सरकार द्वारा एन.एस.डी.एल. एवं एन.पी.एस. ट्रस्ट के साथ दिनांक 12 अगस्त, 2011 को अनुबंध निष्पादित किया गया तथा तत्काल प्रभाव से राजकीय कार्मिकों के सम्बन्ध मे नयी पेंशन योजना के क्रियान्वयन हेतु निदेशक पेंशन को राज्य नोडल अधिकारी नामित किया गया है |